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Janma Kundli

A birth chart is a map of the positions of the planets at the time of a newborn’s birth, which shows the influence of the planets on their life.

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Janam Kundali analysis for Marriage Date of Birth

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जन्म कुंडली (Janam Kundli) (जिसे आम भाषा में Kundli भी कहा जाता है) एक नवजात शिशु के जन्म के समय ग्रहों की स्थिति का मानचित्र होती है, जो उसके जीवन पर पड़ने वाले ग्रहों के प्रभाव को दर्शाती है। जन्म कुंडली मुफ्त डाउनलोड (Janam Kundli Free Download) और कुंडली चेक (Kundli Check) के लिए आपकी मूल जानकारी सबसे महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इसी के आधार पर ग्रहों की स्थिति और उनके प्रभावों का निर्धारण किया जाता है। मूल जानकारी में आपका नाम, लिंग, जन्म तिथि के अनुसार जन्म कुंडली (Janam Kundli by Date of Birth) और समय विशेष रूप से शामिल होते हैं।

इन विवरणों के माध्यम से ज्योतिषी आपकी जन्म कुंडली (Janm Kundli) का सटीक विश्लेषण कर सकते हैं। जन्म तिथि और समय यह बताते हैं कि जन्म के समय कौन से ग्रह किस स्थिति में थे, जबकि जन्म स्थान से ग्रहों की सटीक स्थिति का पता चलता है। सही और सटीक मूल जानकारी के आधार पर बनाई गई ऑनलाइन जन्म पत्रिका (Online Janam Patrika) अधिक प्रभावी और उपयोगी होती है। साथ ही यह आपके जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं जैसे व्यक्तित्व, व्यवसाय, विवाह, स्वास्थ्य और भाग्य के बारे में स्पष्ट और उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान करती है।

जन्म कुंडली क्या हैं?

हिंदी में जन्म कुंडली (Janam Kundali in Hindi) या Janam Kundali Hindi Mein एक अद्वितीय खगोलीय मानचित्र है। इसे जन्म तिथि और समय से राशिफल (Horoscope by Date of Birth and Time) भी कहा जाता है। यह किसी व्यक्ति के जन्म के समय आकाश में ग्रह जिस स्थान और स्थिति में होते हैं, उन्हें विशेष गणनाओं द्वारा कागज पर दर्शाकर तैयार किया जाता है। यह मानचित्र व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं का मार्गदर्शन करने में सहायक होता है।

जन्मकुंडली में कुल 12 भाव होते हैं, जिन्हें कुंडली के भाव (Houses in Kundli) (घर, स्थान या खाने) भी कहा जाता है। इन भावों का क्रम निश्चित और स्थिर रहता है। कुंडली का पहला भाव लग्न कहलाता है, और कुंडली का निर्माण इसी से आरंभ होता है। लग्न, जन्म के समय पूर्व दिशा में आकाश का वह बिंदु है जो व्यक्ति की लग्न पत्रिका (Lagna Patrika) में प्रमुख स्थान रखता है।

जन्मकुंडली में 12 राशियों और 12 भावों का गहरा संबंध होता है। भावों का क्रम हमेशा एक जैसा रहता है, लेकिन हर कुंडली में राशियों की स्थिति व्यक्ति के लग्न के आधार पर तय होती है। लग्न की राशि को कुंडली के प्रथम भाव में अंकित किया जाता है, और उसके बाद अन्य राशियों को क्रमशः आगे के भावों में दर्शाया जाता है। दक्षिण भारत में इसे लग्न पत्रिका Lagana Patrika भी कहा जाता है।

उदाहरण:

  • मेष लग्न: यदि किसी व्यक्ति का जन्म मेष लग्न में हुआ है, तो मेष (प्रथम राशि) का अंक (1) लग्न में लिखा जाएगा। इसके बाद, अन्य भावों में राशियों के क्रमांक आगे बढ़ते जाएंगे:
    • द्वितीय भाव: 2 (वृष)
    • तृतीय भाव: 3 (मिथुन)
    • और इसी प्रकार द्वादश भाव तक।
  • कर्क लग्न: यदि जन्म कर्क लग्न में हुआ है, तो कर्क (चौथी राशि) का अंक (4) लग्न में आएगा। इसके बाद:
    • द्वितीय भाव: 5 (सिंह)
    • तृतीय भाव: 6 (कन्या)
    • सप्तम भाव: 10 (मकर)
    • द्वादश भाव: 3 (मिथुन)।
  • कन्या लग्न: यदि किसी का जन्म कन्या लग्न में हुआ है, तो कन्या (छठी राशि) का अंक (6) लग्न में लिखा जाएगा। उसके बाद क्रमश:
    • द्वितीय भाव: 7 (तुला)
    • चतुर्थ भाव: 9 (धनु)
    • सप्तम भाव: 12 (मीन)
    • द्वादश भाव: 5 (सिंह)।

इस प्रकार, जन्म कुंडली ऑनलाइन (Janam Kundali Online) व्यक्ति के जीवन का खगोलीय मानचित्र है, जो वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से तैयार की जाती है।

कुंडली के 12 भावों का महत्व:

  • प्रथम भाव (लग्न भाव): यह व्यक्ति के स्वभाव, व्यक्तित्व, शारीरिक बनावट और जीवन के मूलभूत पहलुओं को दर्शाता है।
  • द्वितीय भाव: धन, परिवार, वाणी और मूल्य प्रणाली को दर्शाता है।
  • तृतीय भाव: साहस, छोटे भाई-बहन, परिश्रम और संवाद क्षमता का प्रतीक है।
  • चतुर्थ भाव: माता, भवन, वाहन, संपत्ति, और मानसिक शांति को दर्शाता है।
  • पंचम भाव: शिक्षा, संतान, प्रेम संबंध, और सृजनात्मकता का भाव है।
  • षष्ठम भाव: रोग, शत्रु, ऋण और संघर्ष का संकेत देता है।
  • सप्तम भाव: विवाह, साझेदारी, और जीवनसाथी से जुड़ी जानकारी प्रदान करता है।
  • अष्टम भाव: आयु, गुप्त रहस्य, अचानक होने वाली घटनाओं और आध्यात्मिकता का प्रतीक है।
  • नवम भाव: धर्म, भाग्य, गुरुओं, और तीर्थ यात्राओं से जुड़ा है।
  • दशम भाव: कर्म, व्यवसाय, समाज में स्थिति और प्रतिष्ठा का भाव है।
  • एकादश भाव: लाभ, इच्छाओं की पूर्ति और मित्रता से संबंधित है।
  • द्वादश भाव: व्यय, विदेश यात्राएं, मुकदमा, कोर्ट, आध्यात्मिकता और मोक्ष को दर्शाता है।

जन्म कुंडली से भविष्य देखना (Janam Kundali Future Dekhna) और अध्ययन करके व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण किया जा सकता है। यह न केवल भविष्य की संभावनाओं को उजागर करती है, बल्कि व्यक्ति को सही निर्णय लेने और चुनौतियों का सामना करने में मदद करती है। कुंडली के माध्यम से शुभ-अशुभ योग, ग्रहों की दशा महादशा विश्लेषण (Dasha Mahadasha Analysis) और अंतर्दशा का भी विश्लेषण किया जाता है, जो जीवन को सही मार्ग देने में सहायक होती है।

जन्म कुण्डली (Janam Kundli) के माध्यम से व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे जन्म, विवाह, संपत्ति, व्यवसाय, कोर्ट/कानूनी मामले, करियर, स्वास्थ्य, ऋण और कर्ज, संतान, विदेश में बसने के आसार, वाणिज्यिक वास्तु, पूर्व जन्म, शेयर बाजार आदि पर विचार किया जाता है। इन पहलुओं की सटीक जानकारी और विश्लेषण के लिए विभिन्न प्रकार की कुंडलियों का उपयोग किया जाता है। प्रत्येक कुंडली का अपना विशेष उद्देश्य और महत्व होता है।

विभिन्न प्रकार की कुंडलियां और उनका महत्व:

  • सूर्य कुंडली: शरीर, स्वास्थ्य, रचना का अध्ययन
  • होरा कुंडली: वित्त, धन-सम्पदा, समृद्धि का संकेत
  • द्रेष्काण कुंडली: भाई-बहन और पारिवारिक संबंधों का विश्लेषण।
  • चतुर्थांश कुंडली: भाग्य का विश्लेषण।
  • पंचमांश कुंडली: आध्यात्मिकता का अध्ययन।
  • सप्तमांश कुंडली: सन्तान से जुड़े पहलू।
  • अष्टमांश कुंडली: आयु
  • दशमांश कुंडली: व्यवसाय, जीवनयापन
  • द्वादशांश कुंडली: माता-पिता, पैतृक सुख।
  • षोडशांश कुंडली: सुख, दुख, वाहन और भौतिक सुख-सुविधाएं।
  • विशमांश कुंडली: आध्यात्मिक प्रगति एवं पूजा-पाठ।
  • चतुर्विशांश कुंडली: शैक्षणिक उपलब्धि, शिक्षा।
  • भांष कुंडली: शारीरिक शक्ति, सहनशक्ति।
  • त्रिषमांष कुंडली: बुराई, विपत्तियाँ और संघर्षों का संकेत।
  • खवेदांश कुंडली: शुभ और अशुभ प्रभावों का विश्लेषण।
  • अक्षवेदांश कुंडली: जातक का चरित्र और आचरण।
  • षष्टयांश कुंडली: सामान्य खुशियां।

इन कुंडलियों का उपयोग करके व्यक्ति के जीवन की गहराई और उसमें छिपे रहस्यों को समझा जा सकता है। यह विश्लेषण न केवल भविष्यवाणी में सहायक होता है, बल्कि जीवन को बेहतर दिशा देने और सही निर्णय लेने में भी मार्गदर्शन प्रदान करता है।

जन्म कुंडली के लाभ क्या हैं?

मुफ्त जन्म कुंडली विश्लेषण (Free Janam Kundali Analysis) और अध्ययन कई दृष्टिकोणों से लाभकारी होता है। यह केवल हमारे भविष्य का अंदाजा लगाने का माध्यम नहीं है, बल्कि हमारे जीवन के हर पहलू को समझने और सही दिशा में निर्णय लेने में मदद करता है। जन्म कुंडली के मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:

  • जीवन का मार्गदर्शन: मेरी कुंडली (My Kundli) हमारे जीवन के उद्देश्य, गुणों और कमजोरियों को समझने में मदद करती है।
  • सही निर्णय लेने में मदद: यह सही समय पर करियर, विवाह और निवेश जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सहायक है।
  • स्वास्थ्य संबंधित जानकारी: ग्रहों की स्थिति से स्वास्थ्य समस्याओं का पूर्वानुमान और उपाय मिलते हैं।
  • करियर और व्यवसाय में सफलता: यह अनुकूल करियर या व्यवसाय चुनने और सफलता पाने का मार्ग दिखाती है।
  • विवाह और संबंध: गुण मिलान से जीवनसाथी के साथ अनुकूलता और वैवाहिक सामंजस्य सुनिश्चित होता है।
  • भविष्य की चुनौतियों का पूर्वानुमान: जन्म कुंडली (Janam Kundali) भविष्य की चुनौतियों और अवसरों का संकेत देती है।
  • धार्मिक और आध्यात्मिक विकास: यह आध्यात्मिकता के महत्व को समझने और आध्यात्मिक प्रगति में मदद करती है।
  • अशुभ प्रभावों से बचाव: कुंडली दोष चेक (Kundali Dosh Check - Manglik/Kaal Sarp) और ग्रह दोषों के उपाय, जैसे रत्न धारण और पूजा-अनुष्ठान, सुझाए जाते हैं।
  • आत्म-विश्लेषण और विकास: कुंडली से अपनी क्षमताओं और कमजोरियों को जानकर जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है।

कुंडली में सबसे महत्वपूर्ण क्या होता है?

कुंडली में सबसे महत्वपूर्ण ग्रह स्थिति (Planetary Positions), उनकी दृष्टि, और उनका परस्पर युति संबंध होता है, क्योंकि ये व्यक्ति के जीवन पर सीधा प्रभाव डालते हैं। विशेष रूप से, लग्न (Ascendant), चंद्रमा (Moon), और सूर्य (Sun) का स्थान और उनकी स्थिति कुंडली का आधार मानी जाती है।

मुख्य बिंदु जो कुंडली में महत्वपूर्ण होते हैं:

  • लग्न: व्यक्ति के व्यक्तित्व, स्वभाव और चरित्र को दर्शाता है।
  • चंद्रमा: मन, भावनाओं, और मानसिक संतुलन का प्रतीक है।
  • सूर्य: आत्मा, ऊर्जा, और आत्मविश्वास का प्रतिनिधित्व करता है।
  • ग्रहों की दशा और गोचर: जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रभाव डालते हैं, जिसकी सटीक जानकारी आप पंचांग से भी जोड़कर देख सकते हैं।.
  • भाव (Houses): कुंडली के 12 भाव व्यक्ति के जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों जैसे धन, स्वास्थ्य, विवाह, और करियर को दर्शाते हैं।
  • योग और दोष: जैसे राजयोग, कालसर्प दोष, और पित्र दोष, जो विशेष प्रभाव डालते हैं।

कुल मिलाकर, वैदिक ज्योतिष चार्ट (Vedic Astrology Chart) का हर पहलू महत्वपूर्ण है, लेकिन लग्न, चंद्रमा, सूर्य, और ग्रहों की चाल जीवन की दिशा निर्धारित करने में मुख्य भूमिका निभाते हैं।

जन्म कुंडली क्यों जरूरी है?

जन्म कुंडली (Janm Kundali) हमारे जीवन का मार्गदर्शन करने वाला एक महत्वपूर्ण साधन है, जो हमारे व्यक्तित्व, स्वास्थ्य, करियर, संबंधों और भविष्य की संभावनाओं को समझने में मदद करती है। यह हमारे जन्म के समय ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का खाका होती है, जो हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित करती है। कुंडली के माध्यम से हम सही समय पर महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं, भविष्य की चुनौतियों और अवसरों का पूर्वानुमान कर सकते हैं, और अशुभ ग्रहों के प्रभाव से बचने के उपाय जान सकते हैं। यह न केवल हमें आत्म-विश्लेषण और आध्यात्मिक विकास का अवसर देती है, बल्कि जीवन को संतुलित और सफल बनाने में भी सहायक होती है।

मेरी कुंडली मुझे क्या बताती है?

आपकी जन्म कुंडली मुफ्त डाउनलोड हिंदी (Janam Kundali Free Download Hindi) संस्करण आपके जीवन का खाका है, जो आपके व्यक्तित्व, स्वभाव, ताकत, कमजोरियां, और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी देती है। यह आपके जन्म के समय ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति को दर्शाती है, जो आपके जीवन के हर पहलू जैसे शिक्षा, करियर, विवाह, स्वास्थ्य, और संबंधों को प्रभावित करती है।

कुंडली यह बताती है कि कौन-से समय पर आपके लिए अवसर अनुकूल होंगे और किन समयों में सतर्क रहना चाहिए। आप जन्म तिथि के अनुसार मुफ्त राशिफल (Free Horoscope by Date of Birth) के माध्यम से यह भी जान सकते हैं कि जीवन में आने वाली चुनौतियों के समाधान के उपाय, जैसे रत्न धारण, पूजा-अनुष्ठान, और मंत्र जप क्या हैं। कुल मिलाकर, आपकी कुंडली आपको अपने जीवन को बेहतर तरीके से समझने और सही दिशा में आगे बढ़ने का मार्गदर्शन देती है।

कुंडली बनाने में आपकी जन्म तिथि और समय क्यों महत्वपूर्ण हैं?

जन्म कुंडली बनाना (Janam Kundali Banana) और बनाने में जन्म तिथि और समय इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यह आपके जन्म के क्षण में ग्रहों और नक्षत्रों की सटीक स्थिति को निर्धारित करता है। हर पल ग्रह अपनी गति से चलते रहते हैं, और आपका जन्म जिस समय और स्थान पर हुआ, वह आपकी कुंडली का आधार बनता है।

जन्म तिथि और समय का महत्व:

  • लग्न निर्धारण: कुंडली में लग्न व्यक्ति के व्यक्तित्व और जीवन की दिशा को दर्शाता है, जो जन्म के समय पर आधारित होता है।
  • ग्रहों की स्थिति: ग्रह किस भाव में हैं और उनकी चाल कैसी है, यह जन्म समय से तय होता है।
  • दशा और गोचर: जीवन में किस समय कौन-सा ग्रह प्रभाव डालेगा, यह जानने के लिए सटीक समय जरूरी है।
  • सटीक भविष्यवाणी: जन्म तिथि और समय के अनुसार जन्म कुंडली (Janam Kundali by Date of Birth and Time) के आधार पर ही सर्वश्रेष्ठ कुंडली भविष्यवाणी रिपोर्ट (Best Kundali Prediction Report) और सही भविष्यवाणियां की जा सकती हैं।
  • जन्म स्थान का प्रभाव: समय और तिथि के साथ स्थान भी ग्रहों की स्थिति को प्रभावित करता है।

सटीक जन्म तिथि और समय के बिना कुंडली का निर्माण और उसका विश्लेषण सटीकता से नहीं हो सकता, जिससे सही मार्गदर्शन संभव नहीं होता।

जन्म विवरण का उपयोग करके अपनी जन्म कुंडली जांचें।

जन्म कुंडली ऑनलाइन (Janam Kundli Online) आपके जन्म समय, तारीख और स्थान के आधार पर तैयार की जाती है, जो आपके जीवन का खगोलीय मानचित्र होती है। सनातन ज्योति प्राचीन वैदिक ज्योतिष के आधार पर सटीक कुंडली तैयार करता है, जिसमें जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं का मार्गदर्शन और समाधान शामिल है। अपनी कुंडली अभी जांचें और अपने भविष्य का मार्गदर्शन पाएं।

सनातन ज्योति के साथ अपनी मुफ्त जन्म कुंडली ऑनलाइन बनाएं।

सनातन ज्योति आपको मुफ्त कुंडली ऑनलाइन (Free Kundli Online) और मुफ्त जन्म कुंडली (Free Janam Kundali) बनाने की सुविधा प्रदान करता है। बस अपने जन्म समय, तारीख, और स्थान की जानकारी दर्ज करें और कुछ ही क्षणों में ऑनलाइन कुंडली निर्माण (Online Kundli Making) प्रक्रिया से अपनी सटीक और विस्तृत कुंडली प्राप्त करें।

क्यों चुनें सनातन ज्योति?

  • सटीकता: प्राचीन वैदिक ज्योतिष पर आधारित कुंडली सॉफ्टवेयर (Kundli Software) और कुंडली निर्माण सॉफ़्टवेयर (Kundli Making Software)
  • आसान और त्वरित: मुफ्त जन्म कुंडली ऐप (Free Janam Kundli App) और ऑनलाइन मुफ्त कुंडली हिंदी में (Online Free Kundli in Hindi) उपलब्धता से कहीं भी, कभी भी कुंडली बनाएं।
  • विस्तृत विश्लेषण: राशिफल, दोष, और उपाय की पूरी जानकारी।
  • सुविधाजनक: आप यहाँ से अपनी कुंडली पीडीएफ डाउनलोड (Kundli PDF Download), जन्म कुंडली डाउनलोड (Janam Kundali Download) कर सकते हैं। साथ ही कुंडली फ्री डाउनलोड (Kundli Free Download) नहीं कर सकते पर देख सकते है।

अपनी कुंडली से जानें अपने जीवन के महत्वपूर्ण पहलू, जैसे करियर, विवाह, स्वास्थ्य, और सफलता के योग।

जन्म कुंडली (Birth Kundali)

जन्म कुंडली (Janam Kundali) एक आकाशीय मानचित्र है, जिसे जन्म तिथि के अनुसार जन्म कुंडली (Janam Kundali by Date of Birth) और स्थान के आधार पर तैयार किया जाता है। इसमें ग्रहों की स्थिति, राशियों और नक्षत्रों का विवरण होता है, जो व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं, जैसे स्वभाव, स्वास्थ्य, करियर, और संबंधों पर प्रभाव डालता है। इसे वैदिक ज्योतिष में महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि आप विस्तार से जानना चाहते हैं तो होम पेज पर जा सकते हैं।

विवाह कुंडली (Marriage Kundali)

विवाह कुंडली (Marriage Kundali) व्यक्ति की जन्म कुंडली का वह विशेष अध्ययन है, जो विवाह से जुड़े पहलुओं का विश्लेषण करता है। इसमें वर और वधू की कुंडलियों का जन्म कुंडली मिलान (Janam Kundli Milan) किया जाता है, ताकि उनके वैवाहिक जीवन में सामंजस्य, अनुकूलता और संभावित समस्याओं का पता लगाया जा सके। इसे मुख्य रूप से जन्म कुंडली के 7वें भाव (सप्तम भाव) से देखा जाता है, जो विवाह, जीवनसाथी और दांपत्य जीवन का कारक होता है।

संपत्ति कुंडली (Property Kundali)

संपत्ति कुंडली ज्योतिष का एक विशेष आयाम है, जो व्यक्ति की जन्म कुंडली का विश्लेषण करते हुए भूमि, भवन, वाहन, और अन्य स्थायी संपत्तियों से जुड़े पहलुओं का अध्ययन करता है। यह कुंडली विशेष रूप से चतुर्थ भाव पर आधारित होती है, जिसे संपत्ति, गृह सुख, और भौतिक सुविधाओं का कारक माना जाता है। जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति, उनकी युति और दशाएं यह संकेत देती हैं कि व्यक्ति को संपत्ति से संबंधित सुख और लाभ कब और कैसे प्राप्त होंगे। साथ ही, यह कुंडली संभावित समस्याओं और उनके समाधान के बारे में भी जानकारी प्रदान करती है। अधिक जानकारी के लिए आप मुहूर्त परामर्श भी ले सकते हैं।

व्यवसाय कुंडली (Business Kundali)

व्यवसाय कुंडली ज्योतिष का एक विशिष्ट क्षेत्र है, जो व्यक्ति की जन्म कुंडली का गहन विश्लेषण कर व्यापार या व्यवसाय से जुड़ी संभावनाओं और चुनौतियों को उजागर करता है। यह विशेष रूप से दशम भाव पर केंद्रित होती है, जिसे करियर, व्यवसाय, और सामाजिक प्रतिष्ठा का कारक माना जाता है। व्यवसाय कुंडली में ग्रहों की स्थिति, विशेष रूप से दशमेश (दशम भाव का स्वामी) और लाभ भाव, यह निर्धारित करते हैं कि व्यक्ति को व्यवसाय में सफलता, स्थिरता और प्रगति किस प्रकार मिलेगी।

अदालती / कानूनी मामले कुंडली (Court / Legal Issues Kundali)

अदालती / कानूनी मामले कुंडली (Court/Legal Issues Kundali) व्यक्ति की जन्म कुंडली का वह विश्लेषण है, जो उससे जुड़े कानूनी विवादों, मुकदमों और न्याय से संबंधित पहलुओं को दर्शाता है। यह मुख्य रूप से छठे भाव (षष्ठ भाव) से देखा जाता है, जो शत्रु, ऋण और विवादों का कारक है। साथ ही, ग्रहों की स्थिति और दशाएं न्यायिक परिणाम और मुकदमों में सफलता या विफलता का संकेत देती हैं। यदि आप कानूनी उलझनों में फंसे हैं, तो ज्योतिषी से असीमित बात करें और समाधान पाएं।

करियर कुंडली (Career Kundali)

करियर कुंडली (Career Kundali) व्यक्ति की जन्म कुंडली का वह विश्लेषण है, जो उसके करियर, नौकरी, और पेशेवर जीवन से जुड़े पहलुओं का अध्ययन करता है। यह मुख्य रूप से दशम भाव (दसवां भाव) से देखा जाता है, जो करियर, सामाजिक प्रतिष्ठा, और कार्यक्षेत्र का कारक है। कुंडली में ग्रहों की स्थिति, विशेष रूप से दशमेश (दशम भाव के स्वामी) और श्रम भाव, व्यक्ति की पेशेवर सफलता, चुनौतियों और करियर और विवाह के लिए कुंडली विश्लेषण (Kundali Analysis for Career/Marriage) जैसी उन्नति की संभावनाओं को निर्धारित करते हैं।

स्वास्थ्य कुंडली (Health Kundali)

स्वास्थ्य कुंडली (Health Kundali) व्यक्ति की जन्म कुंडली का वह विश्लेषण है, जो उसके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं का अध्ययन करता है। यह मुख्य रूप से लग्न भाव (प्रथम भाव) और छठे भाव (षष्ठ भाव) से देखा जाता है। प्रथम भाव शरीर की समग्र स्थिति और छठा भाव रोग, बीमारियां और चिकित्सा से संबंधित संकेत प्रदान करता है। ग्रहों की स्थिति और दशाएं स्वास्थ्य के उतार-चढ़ाव और संभावित समस्याओं का निर्धारण करती हैं।

ऋण और कर्ज कुंडली (Loan and Debt Kundali)

ऋण और कर्ज कुंडली (Loan and Debt Kundali) व्यक्ति की जन्म कुंडली का विश्लेषण है, जो उसके जीवन में ऋण, कर्ज और इससे जुड़े वित्तीय मामलों का अध्ययन करता है। यह मुख्य रूप से छठे भाव (षष्ठ भाव) से देखा जाता है, जो ऋण, शत्रु और संघर्ष का कारक होता है। ग्रहों की स्थिति और दशाएं यह संकेत देती हैं कि व्यक्ति कर्ज से कैसे प्रभावित होगा, उसे चुकाने की क्षमता कैसी होगी, और वित्तीय स्थिरता कब प्राप्त होगी।

संतान कुंडली (Children Kundali)

संतान कुंडली (Children Kundali) ज्योतिष में एक विशेष प्रकार की कुंडली है, जो संतान से संबंधित संभावनाओं, उनके भविष्य, स्वास्थ्य, शिक्षा, और जीवन के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं का विश्लेषण करने के लिए बनाई जाती है। इसमें मुख्य रूप से पंचम भाव (5th House) का अध्ययन किया जाता है, क्योंकि यह संतान और उनकी उन्नति का प्रतीक है। इसके अलावा, सप्तम भाव उनकी दीर्घायु और नवम भाव भाग्य व सफलता का संकेत देते हैं।

सट्टा और जुआ कुंडली (Betting & Gambling Kundali)

सट्टा और जुआ कुंडली (Betting & Gambling Kundali) ज्योतिष में व्यक्ति के सट्टेबाजी और जुए से जुड़े भाग्य और संभावनाओं का विश्लेषण करने के लिए बनाई जाती है। इसमें मुख्य रूप से पंचम भाव (5th House) और अष्टम भाव (8th House) का अध्ययन किया जाता है, क्योंकि ये भाव जोखिम, अचानक लाभ-हानि, और अप्रत्याशित घटनाओं का प्रतीक हैं।

विदेश स्थानांतरण कुंडली (Foreign Settlement Kundali)

विदेश स्थानांतरण कुंडली (Foreign Settlement Kundali) ज्योतिष में व्यक्ति की विदेश यात्रा, वहां बसने, और विदेश में सफलता की संभावनाओं का विश्लेषण करती है। इसमें मुख्य रूप बारहवें भाव (12th House) का प्रभावी होना विदेश स्थानांतरण का संकेत देते हैं। इसके साथ ही, नवम भाव (भाग्य) और ग्रहों की दशा-अंतरदशा भी विदेश में स्थायित्व और सफलता में अहम भूमिका निभाते हैं।

व्यावसायिक वास्तु कुंडली (Vastu for Commercial Kundali)

व्यावसायिक वास्तु कुंडली (Vastu for Commercial Kundali) व्यवसाय स्थल की उन्नति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा सुनिश्चित करने के लिए ज्योतिष और वास्तु के सिद्धांतों का अध्ययन करती है। इसमें भवन के दिशा-निर्देश, पंच तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) का संतुलन, और ग्रहों की स्थिति का विश्लेषण कर व्यवसायिक सफलता के उपाय बताए जाते हैं।

पिछले जन्म का अध्ययन कुंडली (Past Life Readings Kundali)

पिछले जन्म का अध्ययन कुंडली (Past Life Readings Kundali) ज्योतिष में व्यक्ति के पिछले जन्म के कर्मों और उनके वर्तमान जीवन पर प्रभाव का विश्लेषण करती है। इसमें मुख्य रूप से द्वादश भाव (12th House), अष्टम भाव (8th House), और केतु का अध्ययन किया जाता है, जो पिछले जन्म, गुप्त कर्मों, और आध्यात्मिक प्रवृत्तियों का संकेत देते हैं।

शेयर बाजार कुंडली (Share Market Kundali)

शेयर बाजार कुंडली (Share Market Kundali) ज्योतिष में व्यक्ति के शेयर बाजार में निवेश, जोखिम, और लाभ की संभावनाओं का विश्लेषण करती है। इसमें मुख्य रूप से पंचम भाव (5th House) धन के निवेश और अटकलों के लिए, अष्टम भाव (8th House) अचानक लाभ-हानि के लिए, और ग्रहों की दशा-अंतरदशा का अध्ययन किया जाता है। ज्योतिषी द्वारा विस्तृत कुंडली विश्लेषण (Detailed Kundali Analysis by Astrologer) शेयर बाजार में सफलता और सही समय का निर्धारण करने में सहायक होती है।

अन्य सेवाएं:

  • आप कुंडली हिंदी में डाउनलोड (Kundli in Hindi Download) या कुंडली फ्री डाउनलोड हिंदी में (Kundli Free Download in Hindi) के विकल्प से अपनी कुंडली सुरक्षित कर सकते हैं।
  • यदि आप फ्री कुंडली वेबसाइट हिंदी में (www free kundli com in hindi ) जैसी सेवाएं ढूंढ रहे हैं, तो सनातन ज्योति आपको बेहतरीन जन्म तिथि के अनुसार फ्री राशिफल (Free Horoscope by Date of Birth) प्रदान करता है।
  • जन्म कुंडली (Janam Kundlee) या जन्म पत्रिका (Janam Patrika) को लेकर कोई भी भ्रम हो तो आप हमारे विशेषज्ञों से ज्योतिषी से असीमित बात करें
  • कुंडली में राजयोग कैसे जानें? (Kundali me Rajyog kaise jane?) और फ्री कुंडली बनाम पेड विश्लेषण का अंतर (Free Kundali vs Paid Analysis difference) को समझने के लिए हमारे प्रीमियम रिपोर्ट्स देखें।
  • आप हमारे जन्म कुंडली कैलकुलेटर (Birth Chart Calculator) और कुंडली जेनरेटर (Kundli Generator) का उपयोग करके ऑनलाइन कुंडली डाउनलोड (Online Kundali Download) या कुंडली प्रो डाउनलोड (Kundli Pro Download) कर सकते हैं।
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