Muhurat Consultation
The full benefits of an auspicious task are achieved only when it is performed at the right time. But do you know that the auspicious timing (Muhurta) for each person varies according to their birth sign?
Head Tonsure Muhurat

Head Tonsure Muhurat
Head Tonsure Muhurat: Best Dates and Time for the Sacred Mundan Ceremony
मुंडन संस्कार मुहूर्त
Mundan Sanskar जिसे चूड़ाकर्म संस्कार भी कहा जाता है, सनातन धर्म के सोलह संस्कारों में से आठवां संस्कार है। यह किसी भी शिशु के जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक संस्कार है, जिसमें बच्चे के जन्म के बाद पहली बार उसके सिर के बाल उतारे जाते हैं जिसे अंग्रेजी में Head Tonsure Ceremony कहते है। इस पवित्र क्रिया को Mundan Sanskar muhurat देखकर ही संपन्न किया जाता है। मुंडन केवल Head Tonsure Ceremony की रस्म नहीं है, बल्कि इसका गहरा आध्यात्मिक, धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व है, जिसका उद्देश्य बच्चे को अशुद्धियों से मुक्ति दिलाकर एक शुद्ध जीवन की शुरुआत कराना है। यदि आप अपने baby का मुंडन संस्कार कराने जा रहे है तो आपको mundane Sanskar muhurat या hindu mundan muhurat अवश्य देखना चाहिए, mundane ceremony muhurat के लिए आप किसी भी योग्य आचार्य से mundane Sanskar muhurat निकलवा सकते है। इस लेख में हम मुंडन संस्कार और इसके लाभ व महत्व को जानेंगे।
मुंडन संस्कार सनातन धर्म में एक अनिवार्य संस्कार है। इस विधि में शिशु के सिर के जन्मकालीन बाल उतारे जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि जन्म के समय के ये बाल अशुद्धियों से जुड़े होते हैं, और इन्हें हटाना बच्चे के आध्यात्मिक और शारीरिक विकास के लिए एक आवश्यक कदम है।
इस संस्कार के लिए शुभ समय का निर्धारण करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसके लिए mundan sanskar muhurat की गणना की जाती है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, एक शुभ दिन, तिथि और नक्षत्र देखकर mundan ceremony muhurat निकाला जाता है। परिवार अक्सर किसी पवित्र नदी के किनारे या कुलदेवी/कुलदेवता के मंदिर में Head Tonsure Ceremony का आयोजन करते हैं।
नोट- अपनी पारिवारिक परम्परा के अनुसार सम्पन्न किया जा सकता है।
mundan sanskar importance को तीन प्रमुख दृष्टिकोणों से समझा जा सकता है। एक शुभ mundan muhurat में यह संस्कार कराने का अपना विशेष महत्व है।
- शुभ और पवित्र जीवन की शुरुआत: मुंडन संस्कार बच्चे के लिए यह संकेत है कि अब वह संसार के संस्कारों और धर्म मार्ग में प्रवेश कर रहा है। यह जीवन में ज्ञान, विनम्रता और पवित्रता के मूल्यों को स्थापित करता है।
- दीर्घायु और बल: मुंडन संस्कार शिशु की आयु, आरोग्य, बल और तेज में वृद्धि करता है।
- मस्तिष्क का विकास: यह संस्कार शिशु के मस्तिष्क को पुष्ट करने और उसकी बुद्धि में वृद्धि करने में लाभकारी होता है।
- ज्योतिष के अनुसार, शुभ मुहूर्त में मुंडन कराने से बच्चे को ग्रहों और नक्षत्रों का सकारात्मक आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- मुंडन के बाद बालों को विधि-विधान से विसर्जित करने पर बच्चे के जीवन से नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नज़र दूर होती है।
mundan age को लेकर शास्त्रों में स्पष्ट विधान है, यह जानकारी उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो when to do mundan जानना चाहते हैं।
- शास्त्रीय विधान: शिशु का मुंडन उसके जन्म के प्रथम वर्ष में, तीसरे वर्ष या पांचवें वर्ष की समाप्ति से पहले करना उत्तम माना जाता है।
- चिकित्सा दृष्टिकोण: आमतौर पर 1 से 3 साल के बीच best time for mundan होता है। इस उम्र तक बच्चे के सिर की हड्डियाँ मजबूत हो जाती हैं, जिससे चोट लगने या संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।
- पारिवारिक परंपरा: कुछ परिवारों में कुल परंपरा के अनुसार, मुंडन सातवें वर्ष में भी किया जाता है।
- परामर्श: सटीक mundan muhurat के लिए बच्चे की जन्म कुंडली के आधार पर ज्योतिषी से परामर्श लेना सबसे अच्छा होता है।
अगर आप mundan muhurat today या shubh muhurat for mundan today की तलाश कर रहे हैं, तो आपको ध्यान देना होगा कि मुहूर्त की गणना स्थानीय पंचांग पर आधारित होती है। shubh muhurat for mundan today के लिए, आपको अपने स्थानीय पंचांग की जाँच करवानी होगी या आप सनातन ज्योति से भी संपर्क कर सकते है।
चूंकि हर दिन शुभ तिथि, नक्षत्र और योग नहीं होते हैं, इसलिए यह आवश्यक नहीं है कि आज मुंडन के लिए कोई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हो। यदि मुहूर्त नहीं है, तो अगले शुभ दिन (सोमवार, बुधवार, गुरुवार, या शुक्रवार) को ध्यान में रखते हुए योजना बना सकते है। मंगलवार और शनिवार को मुंडन कराना उचित नहीं माना जाता है।
shubh mundan muhurat का चयन एक जटिल ज्योतिषीय गणना है। mundan muhurta की गणना और auspicious time for mundan जानने के लिए निम्नलिखित तत्वों पर ध्यान दिया जाता है:
- शुभ तिथियाँ: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी और त्रयोदशी को मुंडन के लिए शुभ माना जाता है।
- शुभ दिन: सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार सर्वोत्तम हैं।
- शुभ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, पुष्य, हस्त, पुनर्वसु, चित्रा, स्वाति, ज्येष्ठा, श्रवण, धनिष्ठा और शतभिषा नक्षत्र मुंडन के लिए उत्तम माने जाते हैं।
- उत्तरायण सूर्य: मुंडन संस्कार हमेशा उत्तरायण सूर्य की अवधि में करना शुभ माना जाता है।
- वर्जित महीने: चैत्र, पौष के महीनों और अधिक मास (मलमास) में मुंडन करना सामान्यतः निषेध है।
- वर्जित तिथियाँ/नक्षत्र: जन्म नक्षत्र, मंगलवार, शनिवार, रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या को मुंडन कराने से बचना चाहिए।
- विशेष वर्जित समय: अपनी परम्परा को ध्यान में रखते हुए। जन्म मास, जन्म नक्षत्र और जन्मदिन में मुंडन नहीं किया जाता है।
mundan sanskar procedure एक विस्तृत ritual है, जिसमें mundan vidhi के सभी steps का पालन करना आवश्यक है।
- संकल्प और पूजन: शुभ मुहूर्त पर, पंडित द्वारा गणेश जी और अन्य देवी-देवताओं का आह्वान किया जाता है, और मुंडन का संकल्प लिया जाता है। यह mundan ceremony steps का आरंभिक और सबसे महत्वपूर्ण चरण है।
- छुरा पूजन: मुंडन में उपयोग होने वाले उस्तरे का रोली, अक्षत और पुष्प से पूजन किया जाता है।
- स्नान और लेपन: मुंडन के बाद बच्चे को स्नान कराकर, सिर पर हल्दी और चन्दन का लेप लगाया जाता है, जो संक्रमण को रोकता है।
- केश विसर्जन: मुंडन किए गए बालों को गूंधे हुए आटे में इकट्ठा करके, अपनी मान्यताओं और रीतिरिवाजों के अनुसार उनका विधिपूर्वक विसर्जन किया जाता है। इस तरह mundan sanskar procedure संपन्न होता है।
- कुलदेवता/देवी पूजन: mundan pujan rituals के तहत मुंडन से पहले कुलदेवी या कुलदेवता का विशेष पूजन किया जाता है।
mundan benefits केवल धार्मिक नहीं हैं, बल्कि यह शिशु के स्वास्थ्य और मानसिक विकास से भी जुड़ा हुआ है।
- बेहतर स्वास्थ्य: मुंडन से सिर की त्वचा सीधे सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आती है, जिससे विटामिन डी (Vitamin D) का अवशोषण बढ़ता है।
- शरीर का तापमान नियंत्रण: मुंडन बच्चे के शरीर का तापमान सामान्य रखता है, जिससे फोड़े-फुंसी और दांत निकलने के दौरान होने वाले सिरदर्द जैसी समस्याओं से बचाव होता है।
- घने बाल: यह मान्यता है कि मुंडन के बाद आने वाले नए बाल पहले से अधिक घने और स्वस्थ होते हैं।
- बुद्धि और तेज: मुंडन संस्कार बच्चे के मस्तिष्क को पुष्ट करके उसकी बुद्धि और तेज में वृद्धि करता है, जो mundan significance का एक प्रमुख कारण है।
मुंडन संस्कार बालक और बालिका दोनों के लिए समान रूप से आवश्यक है, हालांकि baby boy mundan muhurat और baby girl mundan muhurat के आयु के चयन में थोड़ा अंतर हो सकता है।
- Baby Boy Mundan Muhurat: लड़कों के लिए मुंडन आमतौर पर विषम वर्षों (1, 3, 5, 7) में किया जाता है।
- Baby Girl Mundan Muhurat: लड़कियों के लिए भी मुंडन विषम वर्षों (1, 3, 5, 7) में ही किया जाता है।
Mundan Sanskar Muhurat का चयन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। शुभ दिन, समय और महीना चुनना शिशु के भाग्य, स्वास्थ्य और तेज को बढ़ाने में सहायक होता है। मुंडन के लिए सामान्यतः उत्तरायण सूर्य की अवधि को सर्वोत्तम माना जाता है।
मुंडन मुहूर्त की गणना करते समय, हर महीने के शुभ और वर्जित पक्षों पर ध्यान देना आवश्यक है:
- जनवरी (January): mundan muhurat January अक्सर उत्तरायण के आरंभ होने के बाद माघ मास की शुभ तिथियों में पड़ते हैं।
- फ़रवरी (February): mundan muhurat February के लिए फाल्गुन मास के रोहिणी और पुष्य नक्षत्रों में शुभ दिन देखें।
- मार्च (March): mundan muhurat march के लिए फाल्गुन या चैत्र मास की शुभ तिथियां ली जाती हैं, लेकिन चैत्र में कुछ क्षेत्रों में मुंडन वर्जित होता है।
- अप्रैल (April): mundan muhurat april के लिए वैशाख मास के मृगशिरा या चित्रा नक्षत्रों को उत्तम माना जाता है।
- मई (May): mundan muhurat may का समय वैशाख या ज्येष्ठ मास के दौरान आता है, जो मुंडन के लिए सर्वोत्तम महीनों में से एक है।
- जून (June): mundan muhurat June के लिए ज्येष्ठ या आषाढ़ मास की शुभ तिथियां देखें। उत्तरायण की समाप्ति से पहले मुंडन करना शुभ होता है।
- जुलाई (July): mundan muhurat July से अक्सर चातुर्मास (देवशयनी एकादशी) आरंभ हो जाता है, जिसके कारण इस महीने में मुहूर्त दुर्लभ हो जाते हैं।
- अगस्त (August): mundan muhurat august में आमतौर पर चातुर्मास के कारण कोई शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं होता है।
- सितंबर (September): mundan muhurat September भी चातुर्मास और श्राद्ध पक्ष के कारण मुंडन के लिए वर्जित माना जाता है।
- अक्टूबर (October): mundan muhurat October में आश्विन मास (अधिक मास) या चातुर्मास के कारण मुहूर्त नहीं होते हैं।
- नवंबर (November): mundan muhurat November के लिए देवउठनी एकादशी के बाद के मुहूर्त ही शुभ माने जाते हैं, जब मांगलिक कार्य पुनः शुरू होते हैं।
- दिसंबर (December): mundan muhurat December के लिए पौष मास के प्रतिबंधों को ध्यान में रखा जाता है।
शुभ दिन (Shubh Din)
मुंडन संस्कार के लिए सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को शुभ दिन माना गया है। इन दिनों में मुंडन कराने से शिशु के जीवन में दीर्घायु, सौभाग्य और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।
शुभ नक्षत्र (Shubh Nakshatra)
पुष्य, मृगशिरा, चित्रा, स्वाति, श्रवण और धनिष्ठा नक्षत्रों में मुंडन कराना विशेष रूप से फलदायी और शुभ होता है। इन नक्षत्रों में किया गया मुंडन संस्कार सौभाग्य, बुद्धि और तेज प्रदान करता है।
वर्जित समय (Varjit Samay)
चातुर्मास, मलमास, और शिशु के जन्मकालीन नक्षत्र में मुंडन कराना अशुभ माना गया है। इन समयों में मुंडन करने से अवांछित परिणाम या बाधाएँ उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए इन्हें वर्जित माना जाता है।
मुंडन संस्कार का मुख्य purpose of mundan बच्चे को पूर्व जन्म के कर्मों से मुक्ति दिलाना है। यह reason for mundan शिशु के आरोग्य और दीर्घायु के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह गर्भावस्था की अशुद्धियों को दूर करता है।
Baby mundan age के लिए शास्त्रों में 1 से 3 साल के बीच का समय सबसे अच्छा बताया गया है। इस समय तक बच्चे के सिर की हड्डियाँ मजबूत हो जाती हैं और first hair cutting age पर प्रक्रिया सुरक्षित रहती है।
benefits of mundan में बेहतर विटामिन डी अवशोषण, बुद्धि और तेज में वृद्धि, गर्भावस्था की अशुद्धियों से मुक्ति, तथा नए, घने और मजबूत बालों का आना शामिल है।
place for mundan के लिए घर का देवस्थल या कोई पवित्र तीर्थ स्थान जैसे मंदिर (temple mundan ceremony), वाराणसी, या हरिद्वार उत्तम माने जाते हैं।
सटीक mundan kundali muhurat की गणना के लिए, पंडित को बच्चे की जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान की आवश्यकता होती है। ये details for pandit consultation ही शुभ मुहूर्त निर्धारित करने का आधार होते हैं।
अगर आपके पास बच्चे के जन्म के सभी विवरण उपलब्ध हैं, तो how to get mundan muhurat की recommendation आमतौर पर कुछ ही घंटों के भीतर दी जा सकती है।

