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शनि का मीन राशि में वक्री गोचर 2025
13 जुलाई 2025 को शनि ग्रह, जो कर्म, अनुशासन, न्याय और स्थिरता का प्रतिनिधित्व करता है, मीन राशि में वक्री अवस्था में प्रवेश करेगा। यह गोचर केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि आपके जीवन के कई पहलुओं — विशेषकर कर्म, मानसिक स्थिति, रिश्तों और पेशेवर निर्णयों — पर सीधा और गहरा प्रभाव डालने वाला योग है।
वक्री शनि आमतौर पर उन क्षेत्रों पर प्रकाश डालता है जहाँ आपने लापरवाही की है या जहां अधूरा कर्म बाकी है। यह समय बाधाएं लाकर आत्ममंथन के लिए प्रेरित करता है — आपके पुराने फैसलों, संबंधों और जिम्मेदारियों की समीक्षा का अवसर देता है।
इस वक्री काल में कुछ राशियों को कार्यक्षेत्र में रुकावटें, स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां या मानसिक दबाव महसूस हो सकता है, वहीं कुछ राशियों के लिए यह समय अधूरे कार्यों को पूरा करने, संयम से सफलता पाने और आत्मनियंत्रण द्वारा आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
शनि का यह वक्री प्रभाव विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्त्वपूर्ण है जो प्रशासन, राजनीति, न्याय, सेवा, प्रबंधन या अध्यात्म से जुड़े हैं — क्योंकि इस अवधि में अनुशासन की परीक्षा होगी, और स्थिरता बनाए रखने की चुनौती भी।
शनि का मीन राशि में वक्री गोचर 2025 – जानिए मेष से मीन तक आपकी राशि के लिए क्या संकेत लाया है यह गोचर।
शनि का मीन राशि में वक्री होना मेष राशि के जातकों के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण समय का संकेत है। खर्च और हानि के योग हैं, साथ ही अनावश्यक भागदौड़ से बचने की सलाह दी जाती है। आप शनि की साढ़े साती के प्रभाव में हैं, अतः वाणी पर नियंत्रण और संयम बनाए रखना आवश्यक होगा।
क्या करें:
शनि का मीन राशि में वक्री होना वृषभ राशि के जातकों के लिए सामान्य फलदायक रहेगा। धन लाभ के योग हैं लेकिन अधिक परिश्रम करना पड़ेगा। भाई-बहनों के साथ मतभेद की संभावना है और वाहन चलाते समय सतर्क रहना जरूरी है।
क्या करें:
शनि का मीन राशि में वक्री होना मिथुन राशि के जातकों के लिए सकारात्मक समय का संकेत है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, सुख-सुविधाओं में विस्तार होगा और माता का सहयोग मिलेगा। किसी धार्मिक स्थल की यात्रा भी संभव है।
क्या करें:
शनि का मीन राशि में वक्री होना कर्क राशि के जातकों के लिए लाभकारी रहेगा। शिक्षा, प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में सफलता मिलेगी। व्यापार में भी वृद्धि के संकेत हैं और स्वास्थ्य बेहतर बना रहेगा।
क्या करें:
शनि का मीन राशि में वक्री होना सिंह राशि के जातकों के लिए कठिन समय का संकेत है। गुप्त शत्रु सक्रिय हो सकते हैं और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। किसी भी प्रकार के विवाद से बचें।
क्या करें:
शनि का मीन राशि में वक्री होना कन्या राशि के जातकों के लिए सामान्य रहेगा। व्यापार में स्थिरता और साझेदारी में सुधार के संकेत हैं। यात्रा के योग हैं लेकिन वाणी पर संयम आवश्यक है।
क्या करें:
शनि का मीन राशि में वक्री होना तुला राशि के जातकों के लिए थोड़ा मुश्किल समय है। अचानक धन हानि और वाहन दुर्घटना की आशंका है। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
क्या करें:
शनि का मीन राशि में वक्री होना वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सकारात्मक रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। धन लाभ और स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
क्या करें:
शनि का मीन राशि में वक्री होना धनु राशि के जातकों के लिए व्यापार और करियर में प्रगति का संकेत है। कार्यों में थोड़ी देरी हो सकती है, लेकिन संयम से सफलता मिलेगी।
क्या करें:
शनि का मीन राशि में वक्री होना मकर राशि के जातकों के लिए आय के नए स्रोत खोल सकता है। हालांकि, कार्यों में सफलता थोड़ी देरी से मिलेगी। क्रोध पर नियंत्रण आवश्यक होगा।
क्या करें:
शनि का मीन राशि में वक्री होना कुंभ राशि के जातकों के लिए सावधानी का समय है। खर्च और हानि के योग हैं। कानूनी उलझनों और स्वास्थ्य समस्याओं से बचें।
क्या करें:
शनि का मीन राशि में वक्री होना मीन राशि के जातकों के लिए अच्छा समय है। मान-सम्मान में वृद्धि, धन लाभ और कार्यक्षेत्र में प्रगति के योग हैं। हालांकि, स्वास्थ्य में थोड़ी गिरावट संभव है।
क्या करें:
वक्री शनि आमतौर पर उन क्षेत्रों पर प्रकाश डालता है जहाँ आपने लापरवाही की है या जहां अधूरा कर्म बाकी है। यह समय बाधाएं लाकर आत्ममंथन के लिए प्रेरित करता है — आपके पुराने फैसलों, संबंधों और जिम्मेदारियों की समीक्षा का अवसर देता है।
इस वक्री काल में कुछ राशियों को कार्यक्षेत्र में रुकावटें, स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां या मानसिक दबाव महसूस हो सकता है, वहीं कुछ राशियों के लिए यह समय अधूरे कार्यों को पूरा करने, संयम से सफलता पाने और आत्मनियंत्रण द्वारा आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
शनि का यह वक्री प्रभाव विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्त्वपूर्ण है जो प्रशासन, राजनीति, न्याय, सेवा, प्रबंधन या अध्यात्म से जुड़े हैं — क्योंकि इस अवधि में अनुशासन की परीक्षा होगी, और स्थिरता बनाए रखने की चुनौती भी।
शनि का मीन राशि में वक्री गोचर 2025 – जानिए मेष से मीन तक आपकी राशि के लिए क्या संकेत लाया है यह गोचर।
मेष राशि
शनि का मीन राशि में वक्री होना मेष राशि के जातकों के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण समय का संकेत है। खर्च और हानि के योग हैं, साथ ही अनावश्यक भागदौड़ से बचने की सलाह दी जाती है। आप शनि की साढ़े साती के प्रभाव में हैं, अतः वाणी पर नियंत्रण और संयम बनाए रखना आवश्यक होगा।
क्या करें:
- अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें।
- नियमित पूजा-पाठ और ध्यान करें।
- शनि से संबंधित उपाय जैसे दान करना लाभकारी रहेगा।
- आवेश में आकर कोई निर्णय न लें।
- लंबी यात्राओं से बचें।
- विवाद या झगड़ों से दूर रहें।
वृष राशि
शनि का मीन राशि में वक्री होना वृषभ राशि के जातकों के लिए सामान्य फलदायक रहेगा। धन लाभ के योग हैं लेकिन अधिक परिश्रम करना पड़ेगा। भाई-बहनों के साथ मतभेद की संभावना है और वाहन चलाते समय सतर्क रहना जरूरी है।
क्या करें:
- परिश्रम में कमी न लाएं।
- भाई-बहनों से तालमेल बनाए रखें।
- वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं।
- स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें।
- क्रोध में आकर रिश्तों में कटुता न लाएं।
- धन निवेश में जल्दबाजी न करें।
मिथुन राशि
शनि का मीन राशि में वक्री होना मिथुन राशि के जातकों के लिए सकारात्मक समय का संकेत है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, सुख-सुविधाओं में विस्तार होगा और माता का सहयोग मिलेगा। किसी धार्मिक स्थल की यात्रा भी संभव है।
क्या करें:
- सामाजिक और पारिवारिक जीवन पर ध्यान दें।
- धार्मिक यात्रा की योजना बनाएं।
- माता की सेवा करें।
- अहंकार को रिश्तों में हावी न होने दें।
- स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।
- अनियोजित खर्चों से बचें।
कर्क राशि
शनि का मीन राशि में वक्री होना कर्क राशि के जातकों के लिए लाभकारी रहेगा। शिक्षा, प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में सफलता मिलेगी। व्यापार में भी वृद्धि के संकेत हैं और स्वास्थ्य बेहतर बना रहेगा।
क्या करें:
- शिक्षा और करियर में फोकस रखें।
- प्रेम संबंधों को समय दें।
- संतान के साथ मधुर संबंध बनाए रखें।
- धन के मामलों में असावधानी न बरतें।
- स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।
- किसी भी कार्य में जल्दबाजी न करें।
सिंह राशि
शनि का मीन राशि में वक्री होना सिंह राशि के जातकों के लिए कठिन समय का संकेत है। गुप्त शत्रु सक्रिय हो सकते हैं और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। किसी भी प्रकार के विवाद से बचें।
क्या करें:
- शत्रु या विरोधियों से दूरी बनाए रखें।
- स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें।
- आध्यात्मिक गतिविधियों में समय दें।
- क्रोध में आकर कोई बड़ा निर्णय न लें।
- ऋण लेने से बचें।
- कानूनी मामलों में उलझने से बचें।
कन्या राशि
शनि का मीन राशि में वक्री होना कन्या राशि के जातकों के लिए सामान्य रहेगा। व्यापार में स्थिरता और साझेदारी में सुधार के संकेत हैं। यात्रा के योग हैं लेकिन वाणी पर संयम आवश्यक है।
क्या करें:
- साझेदारों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखें।
- यात्राओं की योजना सावधानी से बनाएं।
- संयमित और संतुलित दिनचर्या अपनाएं।
- जल्दबाजी में कोई निवेश न करें।
- पार्टनर के साथ बहस से बचें।
- स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।
तुला राशि
शनि का मीन राशि में वक्री होना तुला राशि के जातकों के लिए थोड़ा मुश्किल समय है। अचानक धन हानि और वाहन दुर्घटना की आशंका है। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
क्या करें:
- धन के मामलों में सावधानी रखें।
- वाहन चलाते समय सतर्क रहें।
- योग और ध्यान का अभ्यास करें।
- जल्दबाज़ी में कोई बड़ा खर्च न करें।
- क्रोध में आकर निर्णय न लें।
- सेहत को नजरअंदाज न करें।
वृश्चिक राशि
शनि का मीन राशि में वक्री होना वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सकारात्मक रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। धन लाभ और स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
क्या करें:
- धार्मिक कार्यों में भाग लें।
- धन का उचित प्रबंधन करें।
- आत्मविश्वास बनाए रखें।
- आलस्य से बचें।
- अवसरों को हाथ से न जाने दें।
- रिश्तों में अनदेखी न करें।
धनु राशि
शनि का मीन राशि में वक्री होना धनु राशि के जातकों के लिए व्यापार और करियर में प्रगति का संकेत है। कार्यों में थोड़ी देरी हो सकती है, लेकिन संयम से सफलता मिलेगी।
क्या करें:
- धैर्य बनाए रखें।
- कार्यों को समय पर पूरा करने का प्रयास करें।
- स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
- जल्दबाज़ी में निर्णय न लें।
- विवादों से बचें।
- धन के मामलों में लापरवाही न करें।
मकर राशि
शनि का मीन राशि में वक्री होना मकर राशि के जातकों के लिए आय के नए स्रोत खोल सकता है। हालांकि, कार्यों में सफलता थोड़ी देरी से मिलेगी। क्रोध पर नियंत्रण आवश्यक होगा।
क्या करें:
- नई आय योजनाओं पर विचार करें।
- संयम और शांति बनाए रखें।
- परिवार के साथ समय बिताएं।
- क्रोध में आकर फैसले न लें।
- जल्दबाज़ी में बड़ा निवेश न करें।
- स्वास्थ्य को नज़रअंदाज न करें।
कुंभ राशि
शनि का मीन राशि में वक्री होना कुंभ राशि के जातकों के लिए सावधानी का समय है। खर्च और हानि के योग हैं। कानूनी उलझनों और स्वास्थ्य समस्याओं से बचें।
क्या करें:
- धन का प्रबंधन सोच-समझकर करें।
- स्वास्थ्य जांच नियमित कराएं।
- किसी भी कानूनी दस्तावेज़ को ध्यान से पढ़ें।
- झगड़ों में न पड़ें।
- अनावश्यक खर्च से बचें।
- जल्दबाज़ी में निर्णय न लें।
मीन राशि
शनि का मीन राशि में वक्री होना मीन राशि के जातकों के लिए अच्छा समय है। मान-सम्मान में वृद्धि, धन लाभ और कार्यक्षेत्र में प्रगति के योग हैं। हालांकि, स्वास्थ्य में थोड़ी गिरावट संभव है।
क्या करें:
- अवसरों का भरपूर उपयोग करें।
- समाज में सक्रिय भूमिका निभाएं।
- नियमित व्यायाम और खानपान पर ध्यान दें।
- स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।
- अहंकार में आकर किसी को अपमानित न करें।
- लंबित कार्यों को और न टालें।

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