





राहु का कुंभ राशि में गोचर 2025
18 मई से खुले नए अवसर, पर किसे मिली प्रगति और कौन उलझा भ्रम में? जानिए आपकी राशि के लिए राहु का कुम्भ राशि मे गोचर क्या लाया है परिवर्तन।
18 मई 2025 को राहु ग्रह ने मीन राशि को छोड़कर कुंभ राशि में प्रवेश किया। राहु, जो आकांक्षा, छल, तकनीक और तेजी से बदलती सोच का प्रतिनिधि माना जाता है, जब नवाचार और समाज से जुड़ी कुंभ राशि में पहुँचा, तो इस गोचर ने कई राशियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले, वहीं कुछ के लिए भ्रम और चुनौती की स्थितियाँ भी उत्पन्न कीं।
इस गोचर के बाद कुछ जातकों को जहाँ तकनीकी प्रगति, नेटवर्किंग और नवाचारी सोच में बढ़त मिलेगी, तो वहीं कुछ को राहु की मायावी प्रवृत्ति से सतर्क रहना पड़ सकता है। राहु ने जहाँ महत्वाकांक्षा को नई दिशा दी, वहीं निर्णय लेने में धैर्य और विवेक की आवश्यकता भी होगी।
राहु का कुंभ राशि में गोचर – आपके लिए लाया है परिवर्तन की दिशा या भ्रम की स्थिति, जाने अपनी राशि से ?
मेष राशि
राहु का कुंभ राशि में गोचर, मेष राशि के जातकों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी सिद्ध हो सकता है। आय में वृद्धि और नए स्रोतों से धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं। रुके हुए कार्यों में गति आएगी और वैकल्पिक आय के अवसर मिल सकते हैं।
सामाजिक दायरा भी विस्तार करेगा, जिससे नए संपर्क बनेंगे जो भविष्य में करियर और व्यवसाय के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। विशेष रूप से वे लोग जो मीडिया, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या जनसंपर्क से जुड़े हैं, उन्हें लाभ होगा। हालांकि किसी भी नए प्रस्ताव या संबंध में प्रवेश करने से पहले सतर्क रहें, क्योंकि राहु भ्रम पैदा कर सकता है।
क्या करें:
- नए पेशेवर संपर्क बनाएं और नेटवर्किंग पर ध्यान दें।
- आर्थिक अवसरों का विवेकपूर्ण ढंग से विश्लेषण करें।
- रचनात्मक और डिजिटल क्षेत्रों में अपनी भागीदारी बढ़ाएं।
- बिना जांचे-परखे किसी प्रस्ताव को स्वीकार न करें।
- अति उत्साह में निवेश या साझेदारी से बचें।
- गलतफहमी या भ्रम में आकर निर्णय न लें।
वृषभ राशि
राहु का कुंभ राशि में गोचर, वृषभ राशि के जातकों के लिए करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में उतार-चढ़ाव ला सकता है। कार्यक्षेत्र में बदलाव और पारिवारिक मतभेद संभव हैं, इसलिए धैर्य और रणनीति से काम लें। वरिष्ठों से तालमेल बनाए रखना जरूरी होगा। तात्कालिक प्रतिक्रियाओं से बचकर सोच-समझकर कदम बढ़ाएं।
क्या करें:
- कार्यस्थल पर व्यावसायिक व्यवहार अपनाएं और वरिष्ठों से सकारात्मक संबंध बनाए रखें।
- परिवार में संवाद के माध्यम से मतभेदों को सुलझाने की कोशिश करें।
- करियर से जुड़ी योजनाओं में धैर्य और दूरदृष्टि रखें।
- आवेश में आकर निर्णय न लें, विशेष रूप से नौकरी या प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में।
- किसी के प्रति कठोर शब्दों या व्यवहार से संबंधों में खटास न आने दें।
- बिना सोचे समझे करियर में बड़ा जोखिम न उठाएं।
मिथुन राशि
राहु का कुंभ राशि में गोचर, मिथुन राशि के जातकों के नवम भाव में हो रहा है, जो धर्म, शिक्षा और भाग्य से जुड़ा है। इस अवधि में धार्मिक यात्राएं, विदेश यात्रा या उच्च अध्ययन की संभावनाएं बन सकती हैं। सफलता पाने के लिए परिश्रम और धैर्य ज़रूरी होगा। आत्मविकास और जीवन को नई दृष्टि से देखने का यह उत्तम समय है।
क्या करें:
- उच्च शिक्षा, शोध या विदेश से जुड़े अवसरों को गंभीरता से लें।
- अध्यात्म और आत्मचिंतन के लिए समय निकालें।
- दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए धैर्यपूर्वक प्रयास करें।
- भाग्य पर पूरी तरह निर्भर होकर प्रयास करना छोड़ें।
- अधूरी जानकारी में यात्रा या शिक्षा संबंधी निर्णय न लें।
- जल्दबाज़ी में कोई बड़ा फैसला न करें, विशेषकर करियर या शिक्षा को लेकर।
कर्क राशि
राहु का कुंभ राशि में गोचर, कर्क राशि के जातकों के अष्टम भाव में हो रहा है, जो अचानक घटनाओं, आर्थिक उतार-चढ़ाव और स्वास्थ्य से जुड़ा है। इस समय अनपेक्षित खर्चों और जिम्मेदारियों का सामना हो सकता है। निवेश में सतर्कता और मानसिक संतुलन बनाए रखना आवश्यक होगा। जीवनशैली में अनुशासन आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा।
क्या करें:
- वित्तीय योजनाओं की अच्छी तरह से समीक्षा करें।
- स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज न करें, समय पर जांच कराएं।
- योग, ध्यान और संयमित दिनचर्या अपनाएं।
- बिना जांचे निवेश न करें, विशेषकर शॉर्टकट या लालच के चक्कर में।
- तनाव को नज़रअंदाज़ न करें, यह दीर्घकालिक नुकसान दे सकता है।
- गोपनीय या संवेदनशील मामलों में लापरवाही से बचें।
सिंह राशि
राहु का कुंभ राशि में गोचर, सिंह राशि के जातकों के सप्तम भाव में हो रहा है, जो वैवाहिक जीवन, साझेदारी और व्यक्तिगत संबंधों को प्रभावित करता है। इस अवधि में दांपत्य और पारिवारिक रिश्तों में तनाव और गलतफहमियां हो सकती हैं। धैर्य और शांत संवाद से ही इन्हें सुलझाना होगा।
क्या करें:
- संबंधों में संवाद को खुला और सकारात्मक रखें।
- क्रोध और कठोर वाणी पर नियंत्रण रखें।
- व्यवसायिक साझेदारी में समझदारी से निर्णय लें।
- विवादों को बढ़ावा न दें और जल्दबाजी में फैसले न लें।
- अपने व्यवहार से रिश्तों को कमजोर न होने दें।
- बिना विचार किए पार्टनरशिप या वित्तीय समझौते न करें।
कन्या राशि
राहु का कुंभ राशि में गोचर, कन्या राशि के जातकों के छठे भाव में हो रहा है, जो शत्रु, रोग, ऋण और प्रतिस्पर्धा से जुड़ा है। यह समय चुनौतियों का सामना करने और निरंतर प्रयास से सफलता पाने का है। मेहनत और समर्पण से मान-सम्मान व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
क्या करें:
- कठिन परिस्थितियों में धैर्य रखें और सकारात्मक सोच बनाए रखें।
- कानूनी मामलों में सजगता बरतें और आवश्यक दस्तावेज़ों की जांच करें।
- स्वास्थ्य का ध्यान रखें, संतुलित दिनचर्या अपनाएं।
- विवादों में अनावश्यक उलझाव से बचें।
- आलस्य या लापरवाही न दिखाएं, नियमित प्रयास जारी रखें।
- बिना विचार किए ऋण लेना या देना टालें।
तुला राशि
राहु का कुंभ राशि में गोचर, तुला राशि के जातकों के पंचम भाव में हो रहा है, जो संतान, बुद्धि और भावनात्मक स्थिरता से जुड़ा है। इस समय मानसिक उलझन और भावनात्मक अस्थिरता रह सकती है, खासकर संतान या योजना को लेकर चिंता हो सकती है। सावधानी और समझदारी से निर्णय लें।
क्या करें:
- ध्यान, प्राणायाम और आध्यात्मिक साधना को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
- पढ़ाई और निवेश में सोच-समझकर कदम उठाएं।
- भावनात्मक स्थिति पर नियंत्रण रखें और अपने मन को शांत रखें।
- जल्दबाज़ी में कोई बड़ा फैसला न लें।
- तनाव में आकर रिश्तों या कार्यों को प्रभावित न करें।
- बिना योजना के निवेश या संबंधों में आगे न बढ़ें।
वृश्चिक राशि
राहु का कुंभ राशि में गोचर, वृश्चिक राशि के जातकों के चतुर्थ भाव में हो रहा है, जो पारिवारिक और गृहस्थी मामलों में अस्थिरता ला सकता है। वाहन या अचल संपत्ति से जुड़ी योजनाओं में बाधाएं आ सकती हैं, इसलिए निर्णय सोच-समझकर लें। कार्यक्षेत्र में भी सतर्कता और योजनाबद्ध कार्य आवश्यक होगा।
क्या करें:
- परिवार में संवाद बनाए रखें और सभी पक्षों की बात सुनें।
- महत्वपूर्ण वित्तीय या संपत्ति संबंधी निर्णय सोच-समझकर लें।
- कार्यस्थल पर अनुशासन और संयम बनाए रखें।
- बिना पूरी जानकारी के कोई बड़ा निवेश न करें।
- पारिवारिक मामलों में जल्दबाजी या आवेग में निर्णय न लें।
- कार्य में अनियमितता या असावधानी न दिखाएं।
धनु राशि
राहु का कुंभ राशि में गोचर, धनु राशि के जातकों के तृतीय भाव में हो रहा है, जो साहस और सक्रियता को बढ़ाता है। नए कार्यों की शुरुआत के लिए यह अनुकूल समय है, बशर्ते सही दिशा और रणनीति अपनाई जाए। कार्यक्षेत्र में उन्नति के संकेत हैं, लेकिन जल्दबाजी और अहंकार से बचना जरूरी है।
क्या करें:
- सोच-समझकर योजनाएं बनाएं और धैर्य से काम करें।
- नए कौशल सीखने और संचार कौशल सुधारने पर ध्यान दें।
- टीम वर्क और सहयोग को प्राथमिकता दें।
- अहंकार में आकर फैसले न लें।
- अधीरता या जल्दबाजी में कोई बड़ा कदम न उठाएं।
- बिना योजना के जोखिमपूर्ण कार्यों में शामिल न हों।
मकर राशि
राहु का कुंभ राशि में गोचर, मकर राशि के जातकों के द्वितीय भाव में हो रहा है, जो वाणी और वित्तीय मामलों पर प्रभाव डालता है। संवाद में संयम बनाए रखना जरूरी है ताकि विवादों से बचा जा सके। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं, लेकिन निवेश और खर्चों में सतर्कता आवश्यक है।
क्या करें:
- वाणी में संयम और शिष्टाचार बनाए रखें।
- वित्तीय फैसलों में सावधानी और परिपक्वता अपनाएं।
- बजट बनाकर खर्च करें और निवेश से पहले पूरी जानकारी लें।
- आवेग में आकर विवाद न करें।
- बिना योजना या सलाह के बड़े वित्तीय निर्णय न लें।
- अनावश्यक खर्च से बचें और लालच न दिखाएं।
कुंभ राशि
राहु का कुंभ राशि में गोचर, कुंभ राशि के जातकों के लग्न भाव में हो रहा है, जो व्यक्तित्व, मानसिकता और सोच पर गहरा प्रभाव डालता है। इस अवधि में तनाव और मानसिक उलझनें बढ़ सकती हैं, इसलिए योग, ध्यान और संयम आवश्यक होंगे। धैर्य और आत्मनिरीक्षण से लिए गए निर्णय सफल होंगे।
क्या करें:
- नियमित योग और ध्यान को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
- तनाव को कम करने के लिए सकारात्मक सोच अपनाएं।
- निर्णय लेने में धैर्य और सोच-विचार से काम लें।
- आवेश में आकर कोई बड़ा निर्णय न लें।
- मानसिक दबाव में घबराहट न करें।
- बिना शांतचित्त हुए फैसले लेने से बचें।
मीन राशि
राहु का कुंभ राशि में गोचर, मीन राशि के जातकों के बारहवें भाव में हो रहा है, जो विदेश यात्रा, अप्रत्याशित खर्च और गुप्त शत्रुओं से जुड़ा है। इस दौरान स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। बड़ी योजनाओं या निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
क्या करें:
- स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें, नियमित जांच कराएं।
- आर्थिक योजनाओं में सावधानी और विवेक से काम लें।
- बड़ी यात्राओं या निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।
- बिना योजना के अप्रत्याशित खर्च न करें।
- जोखिमपूर्ण निवेश या निर्णय जल्दबाजी में न लें।
- स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों को नज़रअंदाज न करें।






