





बुध का कर्क राशि में वक्री गोचर 2025
बुध ग्रह जब उल्टी चाल चलता है, तो सिर्फ ग्रह नहीं, किस्मत की दिशा भी बदल जाती है। 2025 का कर्क राशि में बुध का यह वक्री गोचर क्या लाएगा आपके लिए – राहत या मुसीबत?
18 जुलाई 2025 को बुध ग्रह, जो बुद्धि, तर्क, संवाद, संचार, व्यापार और विश्लेषण का कारक है, कर्क राशि में वक्री अवस्था में प्रवेश करेगा। यह गोचर केवल खगोलीय घटना नहीं, बल्कि आपके मानसिक, पारिवारिक और व्यवसायिक जीवन पर सीधा प्रभाव डालने वाला एक गहरा ज्योतिषीय संकेत है।
वक्री बुध आमतौर पर भ्रम, गलतफहमी और संवाद में रुकावट का संकेत देता है, लेकिन यह समय आत्मविश्लेषण, अधूरे कामों की समीक्षा और पुराने रिश्तों को समझने के लिए भी विशेष माना जाता है। जिन क्षेत्रों में अब तक गति थी, वहां ठहराव आएगा — और जिन भावनाओं को अनदेखा किया गया था, वे अब आपके निर्णयों में भूमिका निभाएंगी।
इस वक्री काल के दौरान कुछ राशियाँ मानसिक स्पष्टता और आत्म-जागरूकता के रास्ते पर आगे बढ़ेंगी, जबकि कुछ के लिए यह समय सोच, योजना और संचार शैली में सुधार की चुनौती भी पेश करेगा। बातचीत में भावनात्मक बहाव, पुराने रिश्तों से जुड़ी उलझनें और कुछ मामलों में तकनीकी से संबंधित समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं।
यह समय उन लोगों के लिए भी अहम है जो लेखन, शिक्षण, काउंसलिंग, मीडिया या कारोबार से जुड़े हैं क्योंकि उनकी भाषा, सोच और प्रस्तुतिकरण पर बुध का यह वक्री रूप गहराई से असर डाल सकता है।
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बुध का कर्क राशि में वक्री होना मेष राशि के जातकों के लिए कई नए अवसर लेकर आ सकता है। व्यापार में लाभ, रुके हुए कार्यों की गति और आय के नए स्रोत सामने आ सकते हैं। पिता से संबंध मधुर बनेंगे और उनकी सलाह से लाभ होगा। यात्राएं लाभदायक रहेंगी और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी।
क्या करें:
- व्यापारिक निर्णय में सक्रियता दिखाएं
- पिता या गुरु की सलाह लें
- यात्रा का लाभ उठाएं
- अनियोजित निवेश से बचें
- वरिष्ठों की बातों को नजरअंदाज़ न करें
- स्वास्थ्य की अनदेखी न करें
बुध का कर्क राशि में वक्री होना वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी हो सकता है। मानसिक शांति बनी रहेगी और पारिवारिक जीवन में सामंजस्य देखने को मिलेगा। निवेश और योजनाएं इस समय फलदायी हो सकती हैं, लेकिन सोच-समझकर ही निर्णय लें। कार्यक्षेत्र में स्थिरता प्राप्त होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
क्या करें:
- पारिवारिक सामंजस्य बनाए रखें
- निवेश सोच-समझकर करें
- ध्यान और योग से मानसिक संतुलन बढ़ाएं
- भावनात्मक होकर खर्च न करें
- रिश्तों में अनदेखी न करें
- सेहत को लेकर लापरवाह न बनें
बुध का कर्क राशि में वक्री होना मिथुन राशि के जातकों के लिए कुछ उलझनों और मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। कानूनी मामलों, विवादों या अचानक खर्चों की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। वाणी पर संयम रखना अनिवार्य है, अन्यथा रिश्तों में दूरी आ सकती है। सेहत को लेकर सतर्क रहें।
क्या करें:
- सोच-समझकर और विनम्रता से बोलें
- खर्चों पर नियंत्रण रखें
- मानसिक शांति के लिए ध्यान करें
- विवाद या झगड़े में न पड़ें
- बिना सोचे कोई कानूनी कदम न उठाएं
- अनावश्यक यात्राएं न करें
बुध का कर्क राशि में वक्री होना कर्क राशि के जातकों के लिए मानसिक और भावनात्मक अस्थिरता का समय हो सकता है। निर्णय लेने में भ्रम और माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता संभव है। आत्मनिरीक्षण करें और जल्दबाज़ी से बचें। यह समय संयम और सावधानी से निकालना होगा।
क्या करें:
- माता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें
- गहरे विचार के बाद निर्णय लें
- मेडिटेशन और आत्मचिंतन करें
- भावनात्मक आवेश में निर्णय न लें
- छोटी बातों को दिल पर न लें
- पारिवारिक तनाव को बढ़ावा न दें
बुध का कर्क राशि में वक्री होना सिंह राशि के जातकों के लिए मिला-जुला परिणाम ला सकता है। आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतें क्योंकि धन हानि की संभावना है। पारिवारिक और सामाजिक संबंधों में कटुता आ सकती है, इसलिए वाणी पर संयम और धैर्य रखना ज़रूरी है।
क्या करें:
- धन संबंधी निर्णय सोच-समझकर लें
- रिश्तों को सहेजकर रखें
- संयमित बोलचाल अपनाएं
- अहंकार या क्रोध में बात न करें
- अचानक बड़ा खर्च न करें
- परिवार से दूरी न बनाएं
बुध का कर्क राशि में वक्री होना कन्या राशि के लिए कार्यक्षेत्र में अतिरिक्त मेहनत और कम अपेक्षित परिणामों का संकेत देता है। भाई-बहनों से मतभेद और अचानक आर्थिक नुकसान हो सकता है। इस समय संयम, धैर्य और शांति से काम लेने की ज़रूरत है।
क्या करें:
- कार्यक्षेत्र में निरंतर प्रयास करें
- भाई-बहनों से संवाद बनाए रखें
- खर्चों की योजना बनाकर चलें
- जल्दबाज़ी में निर्णय न लें
- छोटी बातों को बड़ा न बनाएं
- स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ न करें
बुध का कर्क राशि में वक्री होना तुला राशि के जातकों के लिए लाभदायक रहेगा। सुख-सुविधाओं में वृद्धि, पारिवारिक वातावरण में आनंद और करियर में सकारात्मक परिवर्तन के संकेत हैं। संपत्ति या वाहन से जुड़े मामलों में भी सफलता संभव है।
क्या करें:
- घर-परिवार के मामलों पर ध्यान दें
- वाहन या संपत्ति की योजना बनाएं
- करियर से जुड़े निर्णय पर फोकस करें
- अहम के कारण संबंधों को नुकसान न पहुंचाएं
- जिम्मेदारियों से भागें नहीं
- किसी भी संपत्ति विवाद में जल्दबाज़ी न करें
बुध का कर्क राशि में वक्री होना वृश्चिक राशि के लिए शिक्षा, संतान और प्रेम जीवन में लाभकारी साबित हो सकता है। पढ़ाई में सफलता, प्रेम संबंधों में मजबूती और संतान से सुख प्राप्त हो सकता है। धन के लेन-देन में सावधानी जरूरी है।
क्या करें:
- शिक्षा और संतान पर ध्यान दें
- प्रेम संबंधों को सहेजें
- आर्थिक मामलों में विवेक से काम लें
- जल्दबाज़ी में धन निवेश न करें
- छोटी बातों में तनाव न लें
- संतान से संवाद न तोड़ें
बुध का कर्क राशि में वक्री होना धनु राशि के लिए मानसिक तनाव, गुप्त शत्रु और स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का समय हो सकता है। कार्यस्थल पर विवाद से बचें और आत्मबल बनाए रखें। यह समय साधना और आत्मसंयम का है।
क्या करें:
- नियमित ध्यान और योग करें
- कार्यस्थल पर संयम से व्यवहार करें
- गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहें
- बहसबाज़ी में न पड़ें
- ऋण लेने से बचें
- नकारात्मक सोच को हावी न होने दें
बुध का कर्क राशि में वक्री होना मकर राशि के लिए विवाह, साझेदारी और व्यापार में नए अवसर लेकर आ सकता है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बना रहेगा। समाज में सम्मान और सौम्यता बनी रहेगी।
क्या करें:
- वैवाहिक रिश्ते को प्राथमिकता दें
- व्यापार में नई योजनाएं अपनाएं
- जीवनसाथी से खुले संवाद रखें
- रिश्तों में अपेक्षा अधिक न रखें
- अहंकार को संवाद में बाधा न बनने दें
- कार्यों को टालें नहीं
बुध का कर्क राशि में वक्री होना कुंभ राशि के लिए सावधानी का समय है। अचानक धन हानि, वाहन संबंधित परेशानियां और नौकरी में अनिश्चितता के संकेत मिलते हैं। निर्णय सोच-समझकर लें और स्वास्थ्य की अनदेखी न करें।
क्या करें:
- खर्चों की योजना बनाएं
- वाहन सावधानी से चलाएं
- नौकरी से जुड़े बदलावों के लिए तैयार रहें
- भावुकता में निर्णय न लें
- वरिष्ठों से विवाद न करें
- जोखिम भरे कामों में न पड़ें
बुध का कर्क राशि में वक्री होना मीन राशि के लिए भाग्यवृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का समय हो सकता है। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और यात्राएं लाभकारी रहेंगी। मानसिक शांति और आत्मबल में वृद्धि होगी।
क्या करें:
- धार्मिक कार्यों में भाग लें
- लंबित कार्यों को प्राथमिकता दें
- वरिष्ठों से मार्गदर्शन लें
- अवसरों को टालें नहीं
- आलस्य में समय व्यर्थ न करें
- भाग्य के भरोसे बैठे न रहें






